khatushyam temple list

Khatushyam Temple Khatu Shyam Mandir List provides shyam temples details that located in India and outside India.

morvinandan

Morvinandan Barbareek is worshipped as Khatushyamji - Almost all of us know about the history of Mahabharat and the cause of the war. The Pandavas and the Kauravas were always in conflict from the time of their childhood.

shyam aarti

खाटूश्यामजी की आरती - खाटू वाले बाबा श्याम की आरती हिंदी और अंग्रेजी भाषा में दी गई है. बाबा श्याम की आरती की एक अलग ही महिमा है. सच्चे मन से बाबा श्याम की आरती गाने से मनमाफिक फल की प्राप्ति होती है.

khatushyam temple location

बाबा श्याम का मंदिर कस्बे के बीच में बना हुआ है. मंदिर के दर्शन मात्र से ही मन को बड़ी शान्ति मिलती है. सफेद संगमरमर से निर्मित यह मंदिर अत्यंत भव्य है

khatushyamji temple history

खाटूश्यामजी मंदिर का इतिहास - सीकर जिले का खाटूश्यामजी कस्बा बाबा श्याम के मंदिर की वजह से सम्पूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है. बाबा श्याम की इस पावन धरा को खाटूधाम के नाम से भी जाना जाता है.

nishan yatra

सूरजगढ़ का निशान - मंदिर के शिखर पर झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ का निशान साल भर लहराता रहता है. मंदिर पर सूरजगढ़ का निशान लहराने के पीछे एक किवदंती है.

khatu shyam temple contact

Khatuhyamji Temple administration is managed by shri shyam mandir committee. You can contact to Shri Shyam Mandir Committee, Khatushyamji at 01576-231182, 01576-231482.

khatu lakkhi mela

फाल्गुन मेला खाटूश्यामजी - मंदिर के प्रमुख त्यौहार में फाल्गुन मेला सबसे बड़ा है. पाँच दिनों तक चलने वाला यह मेला फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से शुरू होकर द्वादशी (बारस) तक चलता है. एकादशी को मेले का मुख्य दिन होता है.

barbarik katha

बर्बरीक की कथा - बर्बरीक के खाटूश्यामजी के नाम से पूजे जाने के पीछे एक कथा है. इस कथा के अनुसार बर्बरीक पांडू पुत्र महाबली भीम के पौत्र थे. इनके पिता का नाम घटोत्कच एवं माता का नाम कामकंटका (कामकटंककटा, मोरवी, अहिलावती) था.

khatu shyamji katha

खाटू श्याम की कथा - बर्बरीक के खाटूश्यामजी के नाम से पूजे जाने के पीछे एक कथा है. इस कथा के अनुसार बर्बरीक पांडू पुत्र महाबली भीम के पौत्र थे. इनके पिता का नाम घटोत्कच एवं माता का नाम कामकंटका (कामकटंककटा, मोरवी, अहिलावती) था.

shyam kund

Places to Visit in Khatushyamji - Khatushyamji town is well known as Khatu Dham or Khatu Nagari. It is the land of Baba Shyam. Khatushyamji is ancient city and related to Mahabharat. Head of Barbarik was found in Shyam Kund.

khatu temple

Shyam Mandir Khatushyamji - Shyam Mandir Khatushyamji is one of the most important religious places to visit in Sikar district. The temple is located at a distance of 17 km from Reengus town.

how to reach

How to Reach Khatushyamji - सड़क मार्ग : खाटू धाम से जयपुर, सीकर आदि प्रमुख स्थानों के लिए राजस्थान राज्य परिवहन निगम की बसों के साथ ही निजी बसे, टैक्सी और जीपें भी यहाँ आसानी से उपलब्ध हैं।

shri shyam mandir committee

Shri Shyam Mandir Committee Khatushyamji - Shyam Mandir Committee manages and organizes the festivals and other important events every year in the village. The major festival for which the trust is the most responsible body to organize the event is Fagotsava Mela.

khatu dham

Khatu Dham Introduction - Khatu is a village in Danta Ramgarh Tehsil in Sikar District of Rajasthan State, India. It lies in the Jaipur Division and located at a distance of 48 km from District headquarters Sikar.

rathyatra

Shyam Rath Yatra Khatushyamji - The famous Rath Yatra occurs during the yearly Fagotsava festival in which the deity of Khatu Shyamji in a rath and then it is taken around the village for the yatra.

festivals in khatu

Important Festivals in Khatushyamji - As per the trust report, on an average, the temple is visited by 5,000 devotees in a day, 25,000 visitors on Sunday, 1,00,000 visitors on Shukl Paksh , 2,00,000 visitors during Janmotsava and around 1000000 visitors during Fagotsava.

temple timings

खाटूश्यामजी मंदिर दर्शन समय सारणी - श्याम प्रेमियों की सुविधा के लिए यहाँ पर बाबा श्याम के ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन दर्शनों की समय सारणी दी गई है.

Khatu Shyam Temple Store